सबारिया समुदायलोकि जीवनमेन्दा तिहार महत्वपुर्न ओन्डादि।
इदि सामाजदि केल्चि, रिस्ता मननि जिमेदारीलोकि मजबूत चेत्तोहोन्दि।
अक्सर इ कार्यक्रम अत्ता समुदायलोनि पेट्टाड़ु, दिनुच्चि परिवारदि मेड़स्लु, मुसलुड़ु मननि रिश्तेदारलु हिस्सा लेगतोहोन्दि।
पुट्टाड़ु मननि छठी
पायाललो पुटिनदिन बादा सबारिया परिवारलु छठी मानातोहोन्दि, दिनुच्चि छत्तीसगढ़ी परंपरा एलागु चेत्तोहोनु।
पेल्लि
साबारिया समाजमेना पेल्लि आमतौरा म मेड़स्लुमेन्दा ओइन्दि।
अक्सरा पेल्लि अम्मा-अइयातोनि तय ओइन्दि, कुस बार इ पेसला पेयाड़तान समया तय ओइन्दि।
पेल्लिदि कारिक्रमा अत्ता समुदायलोनि ओइन्दि, दानुच्चि अत्ता म मेड़स्लु मननि समाजा भागीदारी ओइन्दि।
चेचपोनाड़ु मननि अंतिम सस्कारा
एपरोल गुड़लोकि अंतिम सस्कारादि तरीका अलग-अलग ओउतोहोन्दि।
कुस जगहलोकि चेचपो मेड़स्ललोकि दपनातोहोन्दि, दानुच्चि कुस जगहामेना चेचपोनमेड़स्लतोनि एग्गिमेन्दा कालतोहोलु।
तिहारा मनि पूजाया
सबारिया समाजा ओकदेगरि उरलोकि मनातोहोन्दि आम तिहार मोलोनि मानातोहोन्दि।
इतोति इ समाजा अपन पारंपरिक पूजाया मोलोनि चेत्तोहोलु, दिनुच्चि राया, चोट्टु, रोजुनि इसतेमाला चिजि इच्चाड़ु।
डंड
डंड सबारिया समाजदि ओक पारंपरि व्यवस्था ओन्डादि, दिनुच्चि इस्तेमाला अपड़ु चेत्तोहोड़ु एपड़ु ए सामाजिक नियमा रापोतेनि मर्यादालु इरपिन्दि।
स्थिति मननि समुदायलोकि पंचायतमेना फ़ैसला अनुसारा जुर्माना ₹10,000 लोकि ₹1,00,000 तक्का तय ओयिन्दि।