मेहनत और जीवनशैली
मेहनत सबेरिया जीवनशैली का केंद्र है। कई लोग शारीरिक मेहनत, खेती और मौसमी काम में लगे रहते हैं। व्यावहारिक कौशल रोज़मर्रा के अनुभव से सीखते हैं, क्योंकि बच्चे परिवार और समुदाय के कामों को देखकर और उसमें भाग लेकर बड़े होते हैं। इस प्रकार की सीख जिम्मेदारी, अनुकूलन क्षमता और मज़बूत कार्य नैतिकता विकसित करती है, जो रोज़मर्रा की ज़िन्दगी और प्रगति में मदद करती है।
दैनिक मजदूरी का काम
कई सबेरिया वयस्क दैनिक मजदूरी करते हैं, जैसे मिट्टी खोदना, सड़क बनाना और घर निर्माण।
इस काम के लिए शारीरिक शक्ति, टीमवर्क और लंबे समय तक मेहनत की जरूरत होती है।
यह कई परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आय का स्रोत है।
पशुपालन
कुछ सबेरिया परिवार अपने जीवनयापन के लिए बकरी, मुर्गी या मवेशी पालते हैं।
पशु पालन से भोजन की व्यवस्था और थोड़ी अतिरिक्त आय मिलती है।
बच्चे और वयस्क अक्सर जिम्मेदारियाँ साझा करते हैं और रोज़मर्रा के काम के माध्यम से देखभाल और अनुशासन सीखते हैं।
खेती
खेती सबेरिया जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, चाहे वह छोटे खेतों में हो या दूसरों की जमीन पर सहायक काम के रूप में।
समुदाय के लोग बुवाई, कटाई और मौसमी कृषि कार्यों में शामिल रहते हैं।
इस काम से परिवार जमीन और स्थानीय मौसमों के साथ करीब से जुड़ता है।
फैक्ट्री का काम
कुछ समुदाय के लोग मौसमी या लंबे समय के लिए फैक्ट्री और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने के लिए जाते हैं।
फैक्ट्री का काम नियमित आय देता है और नई कौशल और वातावरण से परिचित कराता है।
इन अनुभवों से समुदाय के जीवनशैली में बदलाव भी देखने को मिलता है।