भाषा सबेरिया पहचान का केंद्र है। सबेरिया भाषा परंपरागत रूप से मौखिक रही है और अब धीरे-धीरे देवनागरी लिपि में लिखी भी जा रही है। इस भाषा में समुदाय का इतिहास, मूल्य और दुनिया को देखने का नज़रिया समाया हुआ है।
भाषा के साथ-साथ लोक कथाएँ, गीत, रोज़मर्रा की परंपराएँ, भोजन की आदतें और पारंपरिक ज्ञान भी उनकी संस्कृति का हिस्सा हैं। ये सब मिलकर ऐसे जीवन को दर्शाते हैं जो प्रकृति के करीब और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित है।
इन बातों को दर्ज करके, यह वेबसाइट यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सबेरिया संस्कृति को पहचान मिले, उसका सम्मान हो, और वह आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रूप से पहुँच सके।
शिक्षा तक पहुँच आज भी कई सबेरिया परिवारों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। पलायन, आर्थिक दबाव, भाषा की कठिनाइयाँ और संस्थागत सहायता की कमी के कारण साक्षरता का स्तर कम है और स्कूल छोड़ने की दर अधिक है।
यह मंच मातृभाषा आधारित शिक्षा, शुरुआती साक्षरता और समुदाय के सहयोग से चलने वाली शिक्षा के महत्व को सामने रखता है। यहाँ सीखने की सामग्री, सफलता की कहानियाँ और उपयोगी जानकारी साझा की जाती है, ताकि बच्चों और वयस्कों दोनों की शिक्षा में भागीदारी बढ़ सके।
यहाँ शिक्षा को केवल स्कूल तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे सम्मान, अवसर और सही निर्णय लेने का साधन माना गया है।
ओप्रोल व्याकरण
Sabariya Grammar
ओप्रोल ऑर्थोग्राफी